विज्ञान की कुछ कविताओं में एक बहुत ही खूबसूरत कविता.......
विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान या विद्या है जो विचार, अवलोकन, अध्ययन और प्रयोग से मिलती है, जो कि किसी अध्ययन के विषय की प्रकृति या सिद्धान्तों को जानने के लिये किये जाते हैं। विज्ञान शब्द का प्रयोग ज्ञान की ऐसी शाखा के लिये भी करते हैं, जो तथ्य, सिद्धान्त और तरीकों को प्रयोग और परिकल्पना से स्थापित और व्यवस्थित करती है। "न्यूटन के गति और ग्राहम बेल के फोन की। एडिसन ने बल्ब को खोजा वही प्रकाशराज है, वेवेज ने कंप्यूटर खोजा,तकनीकी सम्राट है। देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की, आओ बच्चों तुम्हें दिखाए,झांकी विज्ञान की। देखों अपने बॉयल,चार्ल्स के ताप-दाब संबंधो को, इसने सारा जीवन काटा खोजो और प्रयोगों पे। ये है अपना प्रोटान नाज इसे रेडफोर्ड पे, इलेक्ट्रान को थॉमसन और न्यूट्रॉन को चैडविक पे। देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की, आओ बच्चों तुम्हें दिखाए,झांकी विज्ञान की। देखों मिट्टी का उपजाऊ वोहलर का यूरिया था, उगल रही है कण कण से बंजर भूमि का सोना था। टेलिस्कोप नाम था मुट्ठी में यह सारा ब्रम्हांड था, बोली हर-ह...